Posts

8 सितंबर को महान पुरुष का अवतार दिवस

Image
8 सितंबर को महान पुरुष का अवतार दिवस 8 सितंबर को उस महान संत का अवतार दिवस हैं जिन्होंने समाज सुधारक के साथ देश व विदेश में लोगों को तत्वज्ञान की जागृति लाने के लिए अपना सर्वस्व जीवन लगा रखा हैं आमजन तक तत्वज्ञान पहुँचाने के लिए अनेकों मुसीबतों का सामना करना पड़ा, कही जगह लोगों ने पत्थर फेके, आश्रम तोड़ दिये डटकर विरोध किया कहीं बार तो जेल जाना पड़ा | अनेको मुसीबतों का सामना करके भी संत रामपालजी ने अपना प्रयास जारी रखा और तत्वज्ञान आमजन तक पहुंचाया | वर्तमान में संत रामपालजी द्वारा समाज सुधारक के लिए कार्य व विशेष योगदान -  समाज सुधार : सतगुरु रामपाल जी कुरीतियों को समाप्त करने में सफल रहे हैं सतगुरु रामपाल जी महाराज बताते हैं कि मनमानी परंपराऐं, मान-बड़ाई, लोक दिखावा भक्ति मार्ग में बाधक हैं। सामाजिक अव्यवस्थाएं जैसे – वधुओं को दहेज की बलि-वेदी पर चढ़ा देने वाली दहेज-प्रथा, विवाह में बैंड-बाजे-डीजे बजाना, बेशर्मी से नाचना, नारी के प्रति असमानता और उपेक्षा पूर्ण भाव, जादू, टोना, मन्त्र-तंत्र, मनोकामना पूर्ति के लिए बलि जैसे अंधविश्वास, शारीरिक और मानसिक विका...

”पवित्रा बाईबल तथा पवित्रा कुआर्न शरीफ में सृष्टि रचना का प्रमाण“

Image
 "पवित्र बाईबल और पवित्र कुआर्न शरीफ में रचना रचना का प्रमाण" कुरान  ”पवित्रा बाईबल तथा पवित्रा कुआर्न शरीफ में सृष्टि रचना का प्रमाण“ इसी का प्रमाण पवित्रा बाईबल में तथा पवित्रा कुआर्न शरीफ में भी है। कुआर्न शरीफ में पवित्रा बाईबल का भी ज्ञान है, इसलिए इन दोनों पवित्रा सद्ग्रन्थों ने मिल-जुल कर प्रमाणित किया है कि कौन तथा कैसा है सृष्टि रचनहार तथा उसका वास्तविक नाम क्या है? पवित्रा बाईबल (उत्पत्ति ग्रन्थ पृष्ठ नं. 2 पर, अ. 1ः20 - 2ः5 पर) छटवां दिन :- प्राणी और मनुष्य : अन्य प्राणियों की रचना करके 26. फिर परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाऐं, जो सर्व प्राणियों को काबू रखेगा। 27. तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी करके मनुष्यों की सृष्टि की। 29. प्रभु ने मनुष्यों के खाने के लिए जितने बीज वाले छोटे पेड़ तथा जितने पेड़ों में बीज वाले फल होते हैं वे भोजन के लिए प्रदान किए हैं, (मांस खाना नहीं कहा है।) सातवां दिन :- विश्राम का दिन : परमेश्वर ने छः दिन म...

करवाचौथ विशेष जानकारी

Image
करवा चौथ 2020 https://youtu.be/9dW11cmf7zI करवा चौथ को विवाहिताओं के लिए सजने और संवरने का दिन माना जाता है। इस दिन महिलाएं अन्न और जल का त्याग कर पति की लंबी आयु के लिए ईश्वर से कामना करती हैं। यह दिन प्रेम, श्रृंगार और आस्था से ओतप्रोत रहता है। इस करवाचौथ पर हम जानेंगे कि क्या यह व्रत गीता अनुसार करना सही है? जानिए करवाचौथ व्रत की तिथि, विधि, हर सुहागन स्त्री की कामना, कैसे बढ़ाएं आयु, मानव जीवन का मूल उद्देश्य और अटल सुहाग ,शास्त्र विरूद्ध भक्ति के दलदल से निकलने के मार्ग के बारे में। किस दिन है करवा चौथ 2020 करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह की चतुर्थी को रखा जाता है, यही कारण है कि इसको करवा चौथ कहते हैं। इस वर्ष 4 नवंबर, 2020 (बुधवार का दिन) को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा। करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं पूरे दिन जल की एक भी बूंद नहीं पीतीं और भोजन का एक कण भी नहीं खाती हैं यह एक तरह का निर्जला व्रत भी है। जिससे शरीर को कठोर कष्ट दिया जाता है। शाम को करवा चौथ की कथा सुनने और रात में चांद को अर्घ्य देने के बाद औरतें अपना व्रत पूरा करती हैं। करवा चौथ का व्रत रखने का उद्देश्य क्या है? ...

जीने की राह

Image
  विशेष जानकारी                          Sprichual knowledge books क्या आप जानते हैं? कि जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपालजी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक जीने की राह और ज्ञान गंगा को पढ़ कर लाखों की संख्या में लोगों ने अपने जीवन में बदलाव पाया हैं ऐसा क्या है इस पुस्तक में जिसे पढ़ने के बाद लोग नशे जेसी बुराईयों को छोड़ देता है ओर संत रामपालजी महाराज के सानिध्य में उनके विचारों को ध्यान में रखते हुए उनके अनुयायी ना तो किसी प्रकार का नशा करते हैं और ना ही किसी को नशे की चीजों में साथ देते हैं तथा विवाह में दहेज बिल्कुल नहीं लेते हैं वर्तमान में विश्व में केवल संत रामपालजी ही इतना समाज सुधाकर काम कर रहे हैं जिनके अनुयायी संविधान का भी पूर्ण रूप से पालन कर रहे हैं जेसा की हमारे संविधान में म्रत्यु भौज बिलकुल बंद हैं लेकिन फिर भी लोग अंध विश्वास और पाखण्ड वाद मे ये सब करते हैं लेकिन संत रामपालजी महाराज के अनुयायी बिल्कुल म्रत्यु भौज नहीं करते ना किसी तरह का पाखंड वाद करते हैं बुक "जीनी की राह (जीने का तरीका)" हर घर में रखे जाने ...

8 सितंबर को ग्रेट सायरन का धरती पर अवतार

Image
8 September Avatar Diwas (अवतरण दिवस):  जानिए 8 सितम्बर को क्या है?, 8 सितम्बर है जन्म दिवस एक महान शायरन तत्वदर्शी संत का या कहें समूची मानव जाति के तारणहार आदिपुरुष परमेश्वर के अंश का। आइये जानें कौन है वह तारणहार जो करेगा युग परिवर्तन। 8 September अवतार दिवस (Avatar Diwas) मुख्य बिंदु पूरे विश्व के एकमात्र तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी महाराज हैं जिनका जन्म दिवस है 8 सितम्बर नास्त्रेदमस, जीन डिक्सन, कीरो, अनंदाचार्य, प्रोफेसर हरार जैसे कई भविष्यवक्ताओं ने की सन्त रामपाल जी महाराज के विषय में भविष्यवाणियां सभी धर्मों के धर्मग्रंथों को खोलकर गूढ़ रहस्यों को सामने लाये सन्त रामपाल जी महाराज, तत्वज्ञान से खोली नकली धर्मगुरुओं की पोल 21वीं सदी में आध्यात्मिक क्रांति के साथ तत्वज्ञान से सामाजिक सुधारों, दहेज मुक्त भारत, नशा मुक्त भारत बनाने की दिशा में अग्रसर सन्त रामपाल जी महाराज भारत की पुण्यभूमि पर सदैव से होता रहा है अवतारों का अवतरण 8 September Avatar Diwas: मानवता के पूर्ण विकास का कार्य आदि काल से भारत की पुण्यभूमि में होता रहा है। इसी पुण्यभूमि पर अवतारों का अवतरण आदि काल से होता आ ...

श्राद्ध करना एक अंध विश्वास और पाखण्ड वाद है जाने

Image
  श्राद्ध करना एक अंध विश्वास और पाखण्ड वाद है जा रहा है ...........  दोस्तों वर्तमान में सबलेट हैं सब पढ़े लिखे लोग हैं फिर भी हम हमारे रीति रिवाजों के चक्कर में फंसे हुए हैं हमें सच्चाई से बहुत दूर रखा गया है पुराने समय में लोग गरीब और अनपढ़ होते थे जिन्हें वह ना तो शास्त्रों को पढ़ाते थे- ना उन्हें। कितना अधिकार था हमारे धर्म गुरु हमें अंध विश्वास मे डूबे रखते थे जबकि हमारे शास्त्रों में श्राद्ध करना बिल्कुल मना कर रखा है और जो शास्त्र विरूद्व साधना करते हैं उसे ना मोक्ष मिलता है ना परम गति | दोस्तों सबसे काश बात में आपको बता दूँ कि जो इंसान जिवित होते हुए कुछ ना कर सके तो मरने के बाद क्या करेगा और जब वह जिवित था तब उसने सत्य भक्ति, साधना नहीं करी तो मरने के बाद हमारे द्वारा एक श्राद्ध करने के साथ उसका मोक्ष। हो सकता है इसलिए दोस्तों अगर कुछ करना ही है तो जिवित सत्य भक्ति करते हैं ताकि हमे श्राद्ध करने की ही बात ही नहीं हैं | और हमारे पूर्वजों के लिए श्राद्ध करने से अच्छे हैं उनके जिवित होते हुए उनकी सेवा करें ताकि उनकी आत्मा संतुष्ट हो जाए और उनका मन सत्य भक्ति करने में लग...

जीवन का सार

Image
जीवन का सार यह पोस्ट आध्यात्मिक ज्ञान के अनुसार जीवन को सफल बनाने और मानव जीवन का मूल उद्देश्य का पता कराने के लिए हैं कि आखिरकार इंसान जन्म लेता है और मरता है अपने जीवन में बहुत कुछ करता है दिन - रात लगा रहता है, पैसा कमाता है, बिल्डिंगे बना लेता है पुरी जिंदगी भाग - दोड़ मे निकल जाती है लेकिन किसी ने विचार नहीं किया कि हम जो पेसा कमाते हैं क्या वह हमेशा हमारा रहता है, क्या हम हमेशा अमर रहेंगे जो इन पैसों को अपना बनाये रखेंगे |कभी दोस्तों विचार करना कि हम क्यों जन्म लेते हैं और क्यों मरते हैं, कुछ लोग कहते हैं कि ऐसा काम करो कि दुनियां याद रखें |लेकिन दोस्तों सच्चाई यह है कि दुनियां सिर्फ तोड़े समय ही याद करतीं हैं, असली मेन उद्येश्य मानव जीवन का कल्याण कराना है जो सिर्फ सत्य भक्ति से ही होता है अन्य से नहीं और सत्य भक्ति सिर्फ़ अधिकारी संत ही बता सकता है अन्य संत नहीं | मानव जीवन का कल्याण सभी को जरूरी है चाये वह राजा हो या रंक सब को भक्ति करने से ही मानव जीवन का कल्याण हों सकता है | इसके साथ बात करते हैं बॉलिवुड के अभिनेता मनोज वाजपेयी की सुनने में आया है कि वो अपने जीवन को लेकर बहु...