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Showing posts from 2020

करवाचौथ विशेष जानकारी

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करवा चौथ 2020 https://youtu.be/9dW11cmf7zI करवा चौथ को विवाहिताओं के लिए सजने और संवरने का दिन माना जाता है। इस दिन महिलाएं अन्न और जल का त्याग कर पति की लंबी आयु के लिए ईश्वर से कामना करती हैं। यह दिन प्रेम, श्रृंगार और आस्था से ओतप्रोत रहता है। इस करवाचौथ पर हम जानेंगे कि क्या यह व्रत गीता अनुसार करना सही है? जानिए करवाचौथ व्रत की तिथि, विधि, हर सुहागन स्त्री की कामना, कैसे बढ़ाएं आयु, मानव जीवन का मूल उद्देश्य और अटल सुहाग ,शास्त्र विरूद्ध भक्ति के दलदल से निकलने के मार्ग के बारे में। किस दिन है करवा चौथ 2020 करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह की चतुर्थी को रखा जाता है, यही कारण है कि इसको करवा चौथ कहते हैं। इस वर्ष 4 नवंबर, 2020 (बुधवार का दिन) को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा। करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं पूरे दिन जल की एक भी बूंद नहीं पीतीं और भोजन का एक कण भी नहीं खाती हैं यह एक तरह का निर्जला व्रत भी है। जिससे शरीर को कठोर कष्ट दिया जाता है। शाम को करवा चौथ की कथा सुनने और रात में चांद को अर्घ्य देने के बाद औरतें अपना व्रत पूरा करती हैं। करवा चौथ का व्रत रखने का उद्देश्य क्या है? ...

जीने की राह

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  विशेष जानकारी                          Sprichual knowledge books क्या आप जानते हैं? कि जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपालजी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक जीने की राह और ज्ञान गंगा को पढ़ कर लाखों की संख्या में लोगों ने अपने जीवन में बदलाव पाया हैं ऐसा क्या है इस पुस्तक में जिसे पढ़ने के बाद लोग नशे जेसी बुराईयों को छोड़ देता है ओर संत रामपालजी महाराज के सानिध्य में उनके विचारों को ध्यान में रखते हुए उनके अनुयायी ना तो किसी प्रकार का नशा करते हैं और ना ही किसी को नशे की चीजों में साथ देते हैं तथा विवाह में दहेज बिल्कुल नहीं लेते हैं वर्तमान में विश्व में केवल संत रामपालजी ही इतना समाज सुधाकर काम कर रहे हैं जिनके अनुयायी संविधान का भी पूर्ण रूप से पालन कर रहे हैं जेसा की हमारे संविधान में म्रत्यु भौज बिलकुल बंद हैं लेकिन फिर भी लोग अंध विश्वास और पाखण्ड वाद मे ये सब करते हैं लेकिन संत रामपालजी महाराज के अनुयायी बिल्कुल म्रत्यु भौज नहीं करते ना किसी तरह का पाखंड वाद करते हैं बुक "जीनी की राह (जीने का तरीका)" हर घर में रखे जाने ...

8 सितंबर को ग्रेट सायरन का धरती पर अवतार

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8 September Avatar Diwas (अवतरण दिवस):  जानिए 8 सितम्बर को क्या है?, 8 सितम्बर है जन्म दिवस एक महान शायरन तत्वदर्शी संत का या कहें समूची मानव जाति के तारणहार आदिपुरुष परमेश्वर के अंश का। आइये जानें कौन है वह तारणहार जो करेगा युग परिवर्तन। 8 September अवतार दिवस (Avatar Diwas) मुख्य बिंदु पूरे विश्व के एकमात्र तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी महाराज हैं जिनका जन्म दिवस है 8 सितम्बर नास्त्रेदमस, जीन डिक्सन, कीरो, अनंदाचार्य, प्रोफेसर हरार जैसे कई भविष्यवक्ताओं ने की सन्त रामपाल जी महाराज के विषय में भविष्यवाणियां सभी धर्मों के धर्मग्रंथों को खोलकर गूढ़ रहस्यों को सामने लाये सन्त रामपाल जी महाराज, तत्वज्ञान से खोली नकली धर्मगुरुओं की पोल 21वीं सदी में आध्यात्मिक क्रांति के साथ तत्वज्ञान से सामाजिक सुधारों, दहेज मुक्त भारत, नशा मुक्त भारत बनाने की दिशा में अग्रसर सन्त रामपाल जी महाराज भारत की पुण्यभूमि पर सदैव से होता रहा है अवतारों का अवतरण 8 September Avatar Diwas: मानवता के पूर्ण विकास का कार्य आदि काल से भारत की पुण्यभूमि में होता रहा है। इसी पुण्यभूमि पर अवतारों का अवतरण आदि काल से होता आ ...

श्राद्ध करना एक अंध विश्वास और पाखण्ड वाद है जाने

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  श्राद्ध करना एक अंध विश्वास और पाखण्ड वाद है जा रहा है ...........  दोस्तों वर्तमान में सबलेट हैं सब पढ़े लिखे लोग हैं फिर भी हम हमारे रीति रिवाजों के चक्कर में फंसे हुए हैं हमें सच्चाई से बहुत दूर रखा गया है पुराने समय में लोग गरीब और अनपढ़ होते थे जिन्हें वह ना तो शास्त्रों को पढ़ाते थे- ना उन्हें। कितना अधिकार था हमारे धर्म गुरु हमें अंध विश्वास मे डूबे रखते थे जबकि हमारे शास्त्रों में श्राद्ध करना बिल्कुल मना कर रखा है और जो शास्त्र विरूद्व साधना करते हैं उसे ना मोक्ष मिलता है ना परम गति | दोस्तों सबसे काश बात में आपको बता दूँ कि जो इंसान जिवित होते हुए कुछ ना कर सके तो मरने के बाद क्या करेगा और जब वह जिवित था तब उसने सत्य भक्ति, साधना नहीं करी तो मरने के बाद हमारे द्वारा एक श्राद्ध करने के साथ उसका मोक्ष। हो सकता है इसलिए दोस्तों अगर कुछ करना ही है तो जिवित सत्य भक्ति करते हैं ताकि हमे श्राद्ध करने की ही बात ही नहीं हैं | और हमारे पूर्वजों के लिए श्राद्ध करने से अच्छे हैं उनके जिवित होते हुए उनकी सेवा करें ताकि उनकी आत्मा संतुष्ट हो जाए और उनका मन सत्य भक्ति करने में लग...

जीवन का सार

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जीवन का सार यह पोस्ट आध्यात्मिक ज्ञान के अनुसार जीवन को सफल बनाने और मानव जीवन का मूल उद्देश्य का पता कराने के लिए हैं कि आखिरकार इंसान जन्म लेता है और मरता है अपने जीवन में बहुत कुछ करता है दिन - रात लगा रहता है, पैसा कमाता है, बिल्डिंगे बना लेता है पुरी जिंदगी भाग - दोड़ मे निकल जाती है लेकिन किसी ने विचार नहीं किया कि हम जो पेसा कमाते हैं क्या वह हमेशा हमारा रहता है, क्या हम हमेशा अमर रहेंगे जो इन पैसों को अपना बनाये रखेंगे |कभी दोस्तों विचार करना कि हम क्यों जन्म लेते हैं और क्यों मरते हैं, कुछ लोग कहते हैं कि ऐसा काम करो कि दुनियां याद रखें |लेकिन दोस्तों सच्चाई यह है कि दुनियां सिर्फ तोड़े समय ही याद करतीं हैं, असली मेन उद्येश्य मानव जीवन का कल्याण कराना है जो सिर्फ सत्य भक्ति से ही होता है अन्य से नहीं और सत्य भक्ति सिर्फ़ अधिकारी संत ही बता सकता है अन्य संत नहीं | मानव जीवन का कल्याण सभी को जरूरी है चाये वह राजा हो या रंक सब को भक्ति करने से ही मानव जीवन का कल्याण हों सकता है | इसके साथ बात करते हैं बॉलिवुड के अभिनेता मनोज वाजपेयी की सुनने में आया है कि वो अपने जीवन को लेकर बहु...

भगवान कौन हैं, कैसा है, कहां रहते हैं, किसने देखा है? जानिये |

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  God knowledge True knowledge नमस्ते दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत हमारे (truegodnews) web-site पर जैसा कि आपने पिछली  पोस्ट में पढ़ा कि देवता लोग भी अमर नहीं है उनकी भी जन्म म्रत्यु होतीं हैं, किये हुए कर्मों का फल उन्हें भी भोगना पड़ता है, इससे यह बात तो साबित हो गयी हैं कि जब देवता भी अपने कर्म नहीं बदल सकते हैं तो हमारे तो दूर की बात है |अगर आपने पिछली पोस्ट नहीं पढ़ी हो तो नीचे हम आपको लिंक दे रहे हैं क्लिक करके पोस्ट को पढ़ सकते हैं | देवताओं की संपूर्ण जानकारी (देवता लोग भी अमर नहीं है उनकी भी जन्म म्रत्यु होतीं हैं) चलें दोस्तों शुरुआत करते हैं कि आज के topic पर की जब देवता लोग भी अमर नहीं है तो फिर अमर परमात्मा कौन है, कैसा हैं, किसने देखा है |इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको सम्पूर्ण जानकारी देंगे पढ़े आगे......................  पुर्ण परमात्मा जिसने 6 दिन में सरष्टि रच दि तथा 7 वे दिन अपने निज स्थान अमर लोक में जा विराजे वह कुल करतार कबीर साहेब जी हैं, पुर्ण परमात्मा चारों युगों में आते हैं और अपना ज्ञान प्यारी आत्माओं को बताते हैं उन्हें सत भक्ति बताकर उनका पुर्ण...

हमारे हिंदू धर्म के देवता लोग भी अमर नहीं है

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  Hindu gods नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे truegodnews वेबसाइट पर, इस वेब साइट पर आप आध्यात्मिक जानकारी प्राप्त करेंगे तो चलिए पोस्ट को पुरा पढें|  क्या आप जानते हैं हमारे हिंदू धर्म के देवता लोग भी अमर नहीं है?   हमारे हिंदू धर्म के देवता लोग भी अमर नहीं है उनकी भी जन्म म्रत्यु होतीं हैं यहाँ तक कि ब्रम्हा, विष्णु और महेश भी अजर अमर नहीं है उनकी भी जन्म म्रत्यु होतीं हैं|दोस्तों ये सवाल सबके मन में चल रहा होगा कि आज तक किसी ने कुछ बताया नहीं कि देवता लोग भी मरते हैं | हम बहुत सी पौराणिक कथाओं को भी पढ़ते हैं और सुनते हैं लेकिन आज तक समझ में नहीं आया कि हमारे पूजनीय देवताओं की जन्म म्रत्यु होतीं हैं, हम बचपन से लेकर आज तक देवताओं की पूजा करते आ रहे हैं तथा हमारे पूर्वजों ने भी इनकी पूजा की और एक दिन चलें गए, लेकिन आज तक कोई समझ नहीं पाया और ना किसी ने बताया कि इनकी भी जन्म म्रत्यु होतीं हैं, यहाँ तक कि हम धार्मिक गुरु और पंडितों ने भी नहीं बताया हमारे पवित्र शास्त्रों में इनकी संपूर्ण जानकारी दी गई है लेकिन आज दिन तक कोई समझ नहीं पाया, इसका मुख्य कारण है कि हम...

रोग क्या है

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रोग क्या है रोग दो होते हैं आत्मा का और शरीर का, शरीर का रोग अनेक बीमारियों से ग्रस्त हो सकता है और जड़ी बूटियों, दवाईयों से ठीक हो जाते हैं लेकिन आत्मा का सबसे बड़ा रोग जन्म-मरण का है जो सत्य भक्ति करने से ही टिक होता है| सत्य भक्ति से शरीर और आत्मा दोनों ही ठीक रहती हैं शारीरिक रोग  शरीर या चित्त की वह स्थिति जिसके कारण संतप्त व्यक्ति को दर्द, दुष्क्रिया, तनाव की अनुभूति होती है, या जिनके संपर्क में आने पर व्यक्ति बीमारी का शिकार हो सकता है। कभी कभी व्यापक रूप से इस शब्द का प्रयोग चोट, विकलांगता, सिंड्रोम, संक्रमण, लक्षण, विचलक व्यवहार और संरचना एवं कार्य की विशिष्ट विविधताओं के लिए भी किया जाता है, जबकि अन्य संदर्भों में इन्हें विशेषणीय श्रेणियों में रखा जा सकता है। एक रोगजन या संक्रामक एजेंट एक जैविक एजेंट है, जिसके कारण इसके परपोषी को रोग या बीमारी होने की संभावना होती है। यात्री वायरस एक ऐसा वायरस होता है, जो किसी व्यक्ति के अंदर आसानी से फ़ैल जाती है या बीमारी या रोग को कोई लक्षण दिखाए बिना शरीर को संक्रमित कर देती है। भोजन से होने वाली बीमारी या भोजन विषाक्तता एक प्रकार की ...

बकरा ईद की जानकारी

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बकरा ईद की जानकारी बकरीद को ईद-उल-अज़हा और ईद-उल-जुहा भी कहा जाता है। मीठी ईद के बाद बकरीद इस्लाम धर्म का मुख्य त्योहार माना जाता है। इस त्योहार को मुख्य रूप से कुर्बानी के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। बकरा ईद क्या ईद के दिन मासूमों के क़त्ल से कोई जन्नत जा सका है आज तक? जोर करि जबह करै, मुखसों कहै हलाल। साहब लेखा माँगसी, तब होसी कौन हवाल।। ईद-उल-अजहा यानी खुदा के लिए दी जाने वाली कुर्बानी वाली ईद जिसे बकरीद भी कहते हैं।  एक तरफ लाखों की संख्या में बकरों की बलि चढ़ाई जाएगी और इसी मौके पर लोग एकदूसरे को ईद की मुबारकबाद देंगे। ये कैसा जश्न है जहां एक तरफ खूनी नदी तो दूसरी तरफ बकरे के मांस के पकने की सड़न। चाहे इंसान जला लो या बकरा पका लो दोनों के पकने और जलने पर एक जैसी बदबू उठती है। कुर्बानी के बकरे के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। गोश्त का एक हिस्सा गरीबों में तकसीम किया जाता है, दूसरा दोस्त, अहबाब के लिए और वहीं तीसरा हिस्सा घर के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यानी जीव हत्या के पाप में गरीब, अमीर, परिवार और दोस्तों की भी बराबर की हिस्सेदारी ह...