बकरा ईद की जानकारी
बकरा ईद की जानकारी बकरीद को ईद-उल-अज़हा और ईद-उल-जुहा भी कहा जाता है। मीठी ईद के बाद बकरीद इस्लाम धर्म का मुख्य त्योहार माना जाता है। इस त्योहार को मुख्य रूप से कुर्बानी के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। बकरा ईद क्या ईद के दिन मासूमों के क़त्ल से कोई जन्नत जा सका है आज तक? जोर करि जबह करै, मुखसों कहै हलाल। साहब लेखा माँगसी, तब होसी कौन हवाल।। ईद-उल-अजहा यानी खुदा के लिए दी जाने वाली कुर्बानी वाली ईद जिसे बकरीद भी कहते हैं। एक तरफ लाखों की संख्या में बकरों की बलि चढ़ाई जाएगी और इसी मौके पर लोग एकदूसरे को ईद की मुबारकबाद देंगे। ये कैसा जश्न है जहां एक तरफ खूनी नदी तो दूसरी तरफ बकरे के मांस के पकने की सड़न। चाहे इंसान जला लो या बकरा पका लो दोनों के पकने और जलने पर एक जैसी बदबू उठती है। कुर्बानी के बकरे के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। गोश्त का एक हिस्सा गरीबों में तकसीम किया जाता है, दूसरा दोस्त, अहबाब के लिए और वहीं तीसरा हिस्सा घर के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यानी जीव हत्या के पाप में गरीब, अमीर, परिवार और दोस्तों की भी बराबर की हिस्सेदारी ह...