Posts

Showing posts from July, 2020

बकरा ईद की जानकारी

Image
बकरा ईद की जानकारी बकरीद को ईद-उल-अज़हा और ईद-उल-जुहा भी कहा जाता है। मीठी ईद के बाद बकरीद इस्लाम धर्म का मुख्य त्योहार माना जाता है। इस त्योहार को मुख्य रूप से कुर्बानी के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। बकरा ईद क्या ईद के दिन मासूमों के क़त्ल से कोई जन्नत जा सका है आज तक? जोर करि जबह करै, मुखसों कहै हलाल। साहब लेखा माँगसी, तब होसी कौन हवाल।। ईद-उल-अजहा यानी खुदा के लिए दी जाने वाली कुर्बानी वाली ईद जिसे बकरीद भी कहते हैं।  एक तरफ लाखों की संख्या में बकरों की बलि चढ़ाई जाएगी और इसी मौके पर लोग एकदूसरे को ईद की मुबारकबाद देंगे। ये कैसा जश्न है जहां एक तरफ खूनी नदी तो दूसरी तरफ बकरे के मांस के पकने की सड़न। चाहे इंसान जला लो या बकरा पका लो दोनों के पकने और जलने पर एक जैसी बदबू उठती है। कुर्बानी के बकरे के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। गोश्त का एक हिस्सा गरीबों में तकसीम किया जाता है, दूसरा दोस्त, अहबाब के लिए और वहीं तीसरा हिस्सा घर के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यानी जीव हत्या के पाप में गरीब, अमीर, परिवार और दोस्तों की भी बराबर की हिस्सेदारी ह...

intoxication

Image
Stop drinking  intoxication नशाखोरी के कारण क्या हैं? लोग आनंद पाने के लिए नशा करते हैं। दरअसल नशा चीज ही ऐसी है कि जो खून में जाते ही आदमी को खुशी और भावनाओं का एहसास कराती है। कुछ लोग अपने दोस्तों के दबाव में आकर नशा करने लगते हैं। तीसरा कारण है शीघ्रता। पहले जो शराब की बोतल खरीदने के लिए लोगों को दूर जाना पड़ता था, अब वह आसानी से मिल जाती है। जगह-जगह ठेके खुले हैं। चौथा कारण है तनाव, जिसके कारण व्यक्ति नशा करता है। बहुत सी संस्थाएवेंट की रोकथाम के लिए बहुत से प्रयत्न कर रही है। लेकिन अच्छे परिणामजे नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय के लिए तो व्यक्ति शराब छोड़ देता है, लेकिन बाद में फिर से शुरू हो जाता है। अगर व्यक्ति सच में बदलने चाहता है तो उसे जरूरत है से सतर्क होने की क्योंकि सबसे बड़ी बात है मन पर ओवर पाना और वह केवल ब्रह्मज्ञान से ही हो सकता है। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान में ऐसे अनेकों लोग हैं जिन्होंने इस ज्ञान को प्राप्त किया और आज नशे के चुंगल से बिल्कुल छूट चुके हैं और साथ ही बढिय़ा जीवन व्यतीत कर रहे हैं। आमतौर पर समाज में यह धारणा है कि नशा करना मर्दों की फित...

Who is true guru? ( Guru Poornima Special)

Image
Guru Poornima Special   Kabir, saat dweep nou khand, Guru se bda na koye|  Karta kare na kar sake, Guru kare so hoye||  There is no one greater than a Guru in the all seven Dweeps and nine Khands.  And a complete Guru can do everything that God can do. The complete guru is fully knowledgeable of all religious texts.  In Yajurveda chapter 19, mantra 25, 26 it is written that a saint who will complete the incomplete sentences of the Vedas, i.e. the symbolic words and elaborate one fourth verse,  True Guru and tells the worship of three times, he is the complete saint. At present t Rampalji Maharaj is that saint. * What is the identity of a complete guru?* In Gita chapter 15 verse 1 the identify of an enlightened saint is told that the saint who knows the upside-down hanging world like tree from roots till all parts with evidence is a Tatvadarshi saint ie. He is the complete saint. True Guru  True Guru Sain...

dowry-दहेज

Image
दहेज क्या हैं? dowry दहेज क्या है दहेज ऐसी चीज़ है जो सादी के समय लड़की वालों की तरफ से धन या अन्य चीजे गाड़ी, बेड़, कपड़े आदि दिये जाते हैं दहेज के प्रभाव 1. लोगों मे भेदभाव 2. आर्थिक स्थिति खराब होना 3. दुष्प्रभाव 4. चिंता 5. मानसिक तनाव 6. लड़ाई झगड़ा 7. विवाद दहेज प्रथा – एक सामाजिक अभिशाप Many  भारतीय समाज में फैली हुई अनेक कुरीतियां इस गौरवशाली समाज के माथे पर कलंक हैं । जाति-पाति, छुआछूत और दहेज जैसी प्रथाओं के कारण विश्व के उन्नत समाज में हमारा सिर लाज से झुक जाता है । समय-समय पर अनेक समाज सुधारक तथा नेता इन कुरीतियों को मिटाने का प्रयास करते हैं, किन्तु इनका समूल नाश सम्भव नहीं हो सका । दहेज प्रथा तो दिन-प्रतिदिन अधिक भयानक रूप लेती जा रही है । युवाओं पर प्रभाव  दहेज़ जैसे प्रथाओं से निपटने के लिए युवाओ को अपने सोच बदलना ज़रूरी हैं क्योकि जब वे शादी के प्रस्ताव लेकर किसी लड़की के यहाँ जाते हैं तो उस लड़की का मूल्यांकन उसके रूप से नहीं बल्कि उसके गुण के आधार पर करे. ठाठदार शादी करने के बजाय सादगीपूर्ण शादी...