dowry-दहेज
- दहेज क्या हैं?
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दहेज क्या है
दहेज ऐसी चीज़ है जो सादी के समय लड़की वालों की तरफ से धन या अन्य चीजे गाड़ी, बेड़, कपड़े आदि दिये जाते हैं
दहेज के प्रभाव
1. लोगों मे भेदभाव
2. आर्थिक स्थिति खराब होना
3. दुष्प्रभाव
4. चिंता
5. मानसिक तनाव
6. लड़ाई झगड़ा
7. विवाद
- दहेज प्रथा – एक सामाजिक अभिशाप
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भारतीय समाज में फैली हुई अनेक कुरीतियां इस गौरवशाली समाज के माथे पर कलंक हैं । जाति-पाति, छुआछूत और दहेज जैसी प्रथाओं के कारण विश्व के उन्नत समाज में हमारा सिर लाज से झुक जाता है । समय-समय पर अनेक समाज सुधारक तथा नेता इन कुरीतियों को मिटाने का प्रयास करते हैं, किन्तु इनका समूल नाश सम्भव नहीं हो सका । दहेज प्रथा तो दिन-प्रतिदिन अधिक भयानक रूप लेती जा रही है ।
युवाओं पर प्रभाव
दहेज़ जैसे प्रथाओं से निपटने के लिए युवाओ को अपने सोच बदलना ज़रूरी हैं क्योकि जब वे शादी के प्रस्ताव लेकर किसी लड़की के यहाँ जाते हैं तो उस लड़की का मूल्यांकन उसके रूप से नहीं बल्कि उसके गुण के आधार पर करे. ठाठदार शादी करने के बजाय सादगीपूर्ण शादी करने में जोर देना चाहिए और जो भी पैसा बचेगा उस पैसो को किसी ज़रूरतमंद संस्था या अनाथ आश्रम में दान देना चाहिए . सामूहिक विवाह पद्धति से शादी करना भी एक बेहतर विकल्प हैं जिससे गरीब परिवार को साहूकारों से कर्ज़ा नहीं लेना पड़ेगा और उनका जीवन भी इससे आसान हो जायेगा. दहेज़ जैसे कुप्रथा का उन्मूलन केवल और केवल युवाओ के विचारधारा पर निर्भर हैं
वर्तमान में विश्व विजेता संत रामपालजी महाराज के द्वारा दहेज मुक्त विवाह पर सुधार
वर्तमान में संत रामपालजी द्वारा दहेज मुक्त का कदम उठाया है जिससे उनके अनुयायी विवाह में ना तो दहेज लेते हैं और ना दहेज देते हैं इससे समाज और देश में बहुत सुधार हो रहा है लोग उनका ज्ञान सुनकर उनसे प्रभावित होकर अपना जीवन सफल बना रहे हैं जो काम भारत सरकार नहीं कर सकती वह काम आज संत रामपालजी महाराज के विचार सुनकर लोग अपना जीवन बदल रहे हैं
जरूरी संदेश
जीवन का उद्देश्य केवल जीवन सुधार ही नहीं बल्कि जीवन कल्याण करना है और वर्तमान में विश्व में केवल संत रामपालजी ही लोगों के जीवन सफल बना रहे हैं तो आप भी जरूर जाने और अपने जीवन का कल्याण करे और नशा, दहेज जेसी कुप्रथाओं को जड़ से खत्म करे अधिक जानकारी के लिए नीचे web site or पुस्तक की लिंक हैं जहाँ से आप पुस्तक downloads कर सकते हैं
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