intoxication
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| Stop drinking |
- intoxication
नशाखोरी के कारण क्या हैं? लोग आनंद पाने के लिए नशा करते हैं। दरअसल नशा चीज ही ऐसी है कि जो खून में जाते ही आदमी को खुशी और भावनाओं का एहसास कराती है। कुछ लोग अपने दोस्तों के दबाव में आकर नशा करने लगते हैं। तीसरा कारण है शीघ्रता। पहले जो शराब की बोतल खरीदने के लिए लोगों को दूर जाना पड़ता था, अब वह आसानी से मिल जाती है। जगह-जगह ठेके खुले हैं। चौथा कारण है तनाव, जिसके कारण व्यक्ति नशा करता है। बहुत सी संस्थाएवेंट की रोकथाम के लिए बहुत से प्रयत्न कर रही है। लेकिन अच्छे परिणामजे नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय के लिए तो व्यक्ति शराब छोड़ देता है, लेकिन बाद में फिर से शुरू हो जाता है। अगर व्यक्ति सच में बदलने चाहता है तो उसे जरूरत है से सतर्क होने की क्योंकि सबसे बड़ी बात है मन पर ओवर पाना और वह केवल ब्रह्मज्ञान से ही हो सकता है। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान में ऐसे अनेकों लोग हैं जिन्होंने इस ज्ञान को प्राप्त किया और आज नशे के चुंगल से बिल्कुल छूट चुके हैं और साथ ही बढिय़ा जीवन व्यतीत कर रहे हैं। आमतौर पर समाज में यह धारणा है कि नशा करना मर्दों की फितरत है। समाज में पुरुषों को ही नशा करने का अधिकार है। अगर महिलाएं इस तरह की करतूत करती हैं तो उन्हें कुल विरोध या कुल का नाश करने वाला माना जाता है। लेकिन बदलते समाज के साथ-साथ लोगों की सोच बदली है। आज महिलाएं पुरुषों के साथ कदमताल कर रही हैं। वह किसी भी क्षेत्र में अपने आप को कम नहीं आँकड़ों में। अगर पुरुष मुस्कुराता है तो वहां भी वह आपके बारे में बीस साबित कर रहे हैं। लेकिन एक नए शोध से पता चला है कि आज की तारीख में धूम्रपान करने वाली महिलाओं की मौत के आसार बढ़ रहे हैं। आज अगर कोई सिगरेट पीता है चाहे वह महिला हो या पुरुष तो उसकी इस हरकत को हाई स्टेट्स के साथ जोड़कर देखा जाता है। पुरुषों की तरह महिलाएं भी कम उम्र में सिगरेट पीना शुरू कर देती हैं। कहीं-कहीं तो यह भी देखा गया है कि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले बहुत ही सिगरेट पीती हैं। उनकी यही आदत है कि बहुत नुकसान हुआ है। इन्हीं आदतों की वजह से फेफड़ों के कैंसर का रिस्क बढ़ गया है। पुरुषों की तरह महिलाएं भी कम उम्र में सिगरेट पीना शुरू कर देती हैं। कहीं-कहीं तो यह भी देखा गया है कि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले बहुत ही सिगरेट पीती हैं। उनकी यही आदत है कि बहुत नुकसान हुआ है। इन्हीं आदतों की वजह से फेफड़ों के कैंसर का रिस्क बढ़ गया है। पुरुषों की तरह महिलाएं भी कम उम्र में सिगरेट पीना शुरू कर देती हैं। कहीं-कहीं तो यह भी देखा गया है कि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले बहुत ही सिगरेट पीती हैं। उनकी यही आदत है कि बहुत नुकसान हुआ है। इन्हीं आदतों की वजह से फेफड़ों के कैंसर का रिस्क बढ़ गया है
संत रामपालजी महाराज लोगों में नशा मुक्त की भावना जगा रहे हैं
वर्तमान में संत रामपालजी के सानिध्य में उनके अनुयायी ना तो किसी प्रकार का नशा करते हैं और ना ही किसी को नशा करने का आदेश देते हैं यहाँ तक कि कोई नशा करता हैं तो उन्हें नशीली वस्तुओं लेकर भी नहीं देते हैं और उन्हें वास्तविक स्थिति का परिचय कराते हैं कि नशा कितना खतरनाक है अतः संत रामपालजी के इस अच्छे काम को और मजबूत करना चाहिए अधिक जानकारी के लिए उनके द्वारा लिखित पुस्तकें जरूर पढ़े


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